Hindi shayari

फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है
हकीक़त समझो जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ आज
तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।

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